शानदार मुशायरा ‘जश्न-ए-उर्दू’ में शायरों ने जीता दिल: ‘नए चिराग़-ए-शहर-ए-जिगर’ ने बिखेरी कलाम की रौशनी
विधायक नासिर कुरेशी के अलावा मशहूर शायर और सामाजिक शख्सियतों ने शिरकत की


फसी उर रहमान बेग (संपादक)। मुरादाबाद: उर्दू ज़बान की ख़ूबसूरती और शायरी के जादू से सराबोर एक यादगार शाम कल (22 नवंबर 2025, शनिवार) फ़ातिमा बैंक्विट हॉल, बरवालान रोड, निकट नल वाली मस्जिद में देखने को मिली। Environment Protection Movement and वी केयर सोसाइटी, मुरादाबाद के ज़ेर-ए-एहतिमाम आयोजित मुशायरा ‘जश्न-ए-उर्दू’ और इसका ख़ास उनवान ‘नए चिराग़-ए-शहर-ए-जिगर’ साहित्य प्रेमियों के लिए एक अविस्मरणीय तोहफ़ा साबित हुआ।

मुशायरे का आग़ाज़ रात 8:30 बजे हुआ और शुरू से आख़िर तक माहौल शायरी की महक से महकता रहा।
✨ अहम हस्तियों की मौजूदगी:
यह महफ़िल कई महत्वपूर्ण और बुज़ुर्ग शख्सियतों की सरपरस्ती और सदारत में सजी:
ज़ेर-ए-सरपरस्ती: जनाब इंजीनियर अनवर कैफ़ी साहब (बुज़ुर्ग उस्ताद शायर) और जनाब मंसूर उस्मानी साहब (आलमी शोहरत याफ़्ता शायर) की रहनुमाई ने मुशायरे को गरिमा प्रदान की।
मेहमानान-ए-ख़ुसूसी: मुरादाबाद के साबिक़ एम.पी., डॉ. एस टी हसन साहब और एम.एल.ए. मुरादाबाद दिहात, हाजी नासिर क़ुरैशी साहब की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
मेहमान ए ज़ी-वकार: इक़बाल हुसैन अंसारी, शुऐब हसन पाशा, असद मोलाई, waqi Rashid or program ke sadarat मिर्ज़ा अरशद बेग National President NSO द्वारा की गई
शायरों ने बांधा समां
मुशायरे में मौजूद शायरों ने अपने ख़ूबसूरत कलाम से सुनने वालों का दिल जीत लिया। Adv.ज़िया ज़मीर और अहमद मुरादाबादी ने अपने अंदाज़-ए-बयां और दिलों को छू लेने वाली शायरी से महफ़िल पर ऐसी छाप छोड़ी कि हर तरफ़ दाद-ओ-तहसीन की गूंज सुनाई दी। इसी तरहां फरहत अली खान, नूर जमा नूर, आरिफा अंबर , फिरोज खान, नाजिम रजा ,गुलाम गाजी, फना जमीर, नाजिऱ मुरादाबादी , फरीद आलम फरीद ,निसार मुरादाबादी, वसीम अल्वी , शायरों ने आखिर तक अपने कलाम से महफिल महकाया उधर श्रोताओं ने एक-एक शेर पर दिल खोलकर अपनी मोहब्बत का इज़हार किया।
“सभी शायरों ने अपनी ख़ूबसूरत कलाम से सुनने वालों का दिल जीत लिया और यह मुशायरा वाकई बहुत शानदार रहा।”
इस पूरे कार्यक्रम की निजामत (संचालन) बेहतरीन अंदाज़ में सुल्तान अज़हर ने की, Pnvironment Protection Movement and
वी केयर सोसाइटी के आयोजकों ने सभी मेहमानों और श्रोताओं का शुक्रिया अदा किया और उर्दू ज़बान की ख़िदमत के इस सिलसिले को जारी रखने का अहद किया। यह मुशायरा मुरादाबाद की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत में एक नया मील का पत्थर साबित हुआ।
Adv.Syed Zubair Ali
President
EPM





























