पत्रकार फैज़ान कुरैशी के साथ हैवानियत प्रकरण में मुगलपुरा पुलिस कटघरे में
फर्जी मुकदमा कायम कर बेतहाशा पिटाई कर पत्रकार को - जूते में पेशाब भरकर पिलाने का किया गया था प्रयास

मुरादाबाद। एक ओर जहां यूपी पुलिस के आला अधिकारी और योगी सरकार पुलिस की छवि को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं वहीं कुछ पुलिसकर्मी अपनी अमानवीय हरकतों से सरकार के इरादों पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। एक दैनिक समाचार पत्र के मंडल प्रभारी फैजान कुरैशी के साथ मुगलपुरा पुलिस का बर्बर और हैवानियत पूर्ण व्यवहार की कहानी बाहर आने से पूरी पत्रकार बिरादरी में हड़कंप मच गया है।और पत्रकार रोष से भर उठे हैं। दरअसल 10 जून को जामा मस्जिद चौराहे पर हुए हंगामे और बवाल के बाद मुगलपुरा पुलिस द्वारा बड़ी संख्या में अज्ञात लोगों को नामजद कर गिरफ्तारी अभियान चलाया गया। पत्रकार फैजान कुरैशी का आरोप है कि इस पूरे प्रकरण से उनका कोई वास्ता नहीं था।वह एक प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र के जिम्मेदार पत्रकार हैं तथा अपने समाचार पत्र व सोशल मीडिया पर निर्भिक, निष्पक्ष एवं साक्ष्यों पर आधारित समाचार प्रकाशित करते रहे हैं जिससे अपराधियों में खौफ का माहौल रहता है। फैज़ान कुरैशी का कहना है कि 13 जून को रात्रि 12.25 पर उनके द्वारा सोशल मीडिया (वाहट्सएप्प) पर एक न्यूज वायरल की गयी थी। जिसमें थाना मुलगपुरा पुलिस के संरक्षण में वारसी नगर जामा मस्जिद गली नं. 5 में हो रहे सट्टाखाईबाड़ी के खिलाफ खबर वीडियो सहित वायरल की गयी थी। जिससे मुगलपुरा प्रभारी पूरी तरह से बौखला गये थे। खबर को अखबार में छापने से रोकने के लिए अपराधियों से हमसाज़ थाना मुगलपुरा पुलिस द्वारा 13जून को ही उनको पिस्टल के बल पर अपहरण कर थाने लाया गया।वहाँ उनकेसाथ पुलिस द्वारा हैवानियत का नंगा नाच नाचते हुए उनको जूते में पेशाब कर पिलाने का प्रयास किया गया। जिसका विरोध करने पर थाना मुगलपुरा पुलिस ने जूतों, लात-घूसों व पट्टों से इतना पीटा कि उनका कान का परदा तक फट गया। पत्रकार फैजान बताते हैं कि उसके बाद उन्हें फर्जी मुकदमें में अज्ञात के रूप में नामजद कर जेल भेज दिया गया। फैजान का कहना है कि जिस घटना में नामजद कर पुलिस उन्हें उस प्रकरण से सम्बन्धित वीडियो व फुटैज होने का दावा कर रही है वह कथित है क्योंकि उक्त घटना स्थल पर फैजान कुरैशी मौजूद ही नहीं थे। जो कि एक जांच का विषय है कि आखिर पुलिस ने किस आधार पर एक पत्रकार को किसी ऐसी घटना में संलिप्त कर अपराधी बना दिया जिसमें वह मौजूद ही नहीं थे। मुगलपुरा पुलिस की बेवजह हैवानियत भरी हरकत से बुरी तरह आहत पत्रकार फैजान द्वारा पूरे प्रकरण की शिकायत मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ के अतिरिक्त अन्य पुलिस उच्चाधिकारियों से की गयी। जिस पर मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा संज्ञान लेते हुए एसएसपी मुरादाबाद को जांच दी गयी। एसएसपी मुरादाबाद द्वारा जांच पुलिस अधीक्षक (नगर) को भेजी गयी, जिस पर उनके द्वारा क्षेत्राधिकारी कोतवाली को जांच सौंपी गयी। किंतु पत्रकार फैजान कुरैशी द्वारा आपत्ति दर्ज करते हुए जांच किसी अन्य उच्च अधिकारी से किये जाने की मांग की गयी है। पत्रकार फैजान कुरैशी का आरोप है कि यह आश्चर्यजनक है, कि जांच उसी अधिकारी को दे दी गई जो खुद पूरे प्रकरण में संलिप्त है, लिहाजा उन्होंने जांच दूसरे अधिकारी व अन्य एजेन्सी से करने का अनुरोध शासन से किया है। उधर पत्रकार फैजान कुरैशी के साथ मुगलपुरा पुलिस की अमानवीय हरकत और फर्जी मुकदमे से पत्रकार बिरादरी बुरी तरह अक्रोशित हो उठा है। पत्रकारों का कहना है कि मुरादाबाद पुलिस कलम की आवाज को दबाने का प्रयास कर सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रही है































shame upon system