भोजपुर राजकीय इंटर कॉलेज अपनी बदहाली के आंसू बहा रहा है:Mohsin Ansari
ऑर्गनाइजेशन ऑफ शाहीन ए हिन्द के अध्यक्ष मोहसिन अंसारी ने मानव अधिकार आयोग को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि मुरादाबाद काशीपुर स्थित रोड राजकीय इंटर कॉलेज भोजपुर अपनी बदहाली के आंसू बहा रहा है।

भोजपुर ऑर्गनाइजेशन ऑफ शाहीन ए हिन्द के अध्यक्ष मोहसिन अंसारी ने मानव अधिकार आयोग को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि मुरादाबाद काशीपुर स्थित रोड राजकीय इंटर कॉलेज भोजपुर अपनी बदहाली के आंसू बहा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ शिक्षा व्यवस्था और शिक्षा संस्थानों में सुधार करने का लगातार प्रयास कर रहे हैं जिसके तहत सरकार द्वारा आये दिन नयी नयी योजनाए चलाई जा रही है लेकिन इसके बावजूद भी प्रदेश में कुछ कॉलेजो पर सरकार की इन योजनाओं की दृष्टि अभी नही पड़ी है एक तरफ जहां सरकार यह आह्वान करती है कि हर इंसान शिक्षित हो वहीं प्रदेश में कुछ ऐसे स्कूल भी हैं जहां शिक्षा का मंदिर अपनी बदहाली का रोना रो रहा है। ऐसा ही एक राजकीय इंटर कॉलेज भोजपुर कस्बे में स्थित है। यह राजकीय इंटर कॉलेज पिछले कई वर्षों से बदहाली में पड़ा हुआ है। कई बार अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है लेकिन अधिकारी अपनी नींद से जागना ही नहीं चाहते।बता दें कि इस कॉलेज के जिन कमरों में कक्षाएं लगती हैं, वे कभी भी मलबे में तब्दील हो सकते हैं। वहीं स्कूल की व्यवस्था इतनी बेकार है कि यहां शराबी बैठकर दारू पीते हैं और मैदान में ताश खेलते हैं। कॉलेज में एंट्री गेट के पास ही गंदगी का अम्बार लगा रहता है गेट पर भी दुकाने लगी हुई हैं। कालेज को आसपास के लोगों ने पेशाब घर बना दिया है। क्लासरूम में बच्चों के बैठने के लिए डेस्क की कमी रहती है, खिड़कियां व दरवाजे भी टूटे हुए हैं। लेकिन पढ़ाई सुचारू रूप से चल रही है।
कॉलेज की दीवारें टूटी होने के कारण लोग बीच कॉलेज के रास्ते का शॉर्टकट अपनाते हैं। कालेज बीच से ही निकालकर आतेजाते है कालेज की नई बिल्डिंग होने के बाबजूद भी जर्जर बिल्डिंग में क्लास लगाई जा रही है। 422 छात्रों पर 4 अध्यापक हाई स्कूल तक शिक्षा दे रहे हैं, इंटर क्लास पढ़ाने के लिए कोई अध्यापक नही है, तथा अंग्रेजी पढ़ाने के लिए कोई अध्यापक उपलब्ध नहीं है। पत्रकारों कॉलेज गए तो प्रधानाचार्य सोते हुए मिले। मोहसिन अंसारी ने जनहित में शिकायत करते हुए कहा कि अगर यह प्रकरण ऐसे ही चलता रहा तो वो दिन दूर नही हम अपनी आँखों से अपने देश का भविष्य अंधकार में जाया होते हुए देखेंगे।





























