उत्तरप्रदेशमुरादाबाद
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से 32 अर्घ्य समर्पित किए।
हिन्दू पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल पक्ष एकादशी को देवोत्थान एकादशी या देवउठनी एकादशी का पर्व मनाने की परम्परा प्राचीन काल से चली आ रही है।

मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से 32 अर्घ्य समर्पित किए। सम्मेद शिखर से आए विधानाचर्य ऋषभ शास्त्री के सानिध्य में विभिन्न सूबों-यूपी के अलावा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, असम आदि से आए श्रावक-श्राविकाएं, छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भगवान के अभिषेक प्रक्षालन उपरांत सौधर्म इंद्र और देवोत्थान एकादशी 4 नवंबर को: जानिए व्रत के नियम, पौराणिक कथा, पूजन विधि और भी बहुत कुछ…धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हर माह में आने वाली एकादशी अपने आप में महत्वपूर्ण होती है, लेकिन सबसे बड़ी एकादशी ‘देवोत्थान एकादशी’ मानी जाती है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल पक्ष एकादशी को देवोत्थान एकादशी या देवउठनी एकादशी का पर्व मनाने की परम्परा प्राचीन काल से चली आ रही है।





























