FASI 2
previous arrow
next arrow

Breaking
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष  अखिलेश यादव जी के निर्देशानुसार रानी दुर्गावती बलिदान दिवस मनाया गयालखनऊ कोचिंग सेंटर कांड पर मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना ,नैशनल सोशल ऑर्गेनाइजेशन (एन.एस.ओ) द्वारा शोक सभा मौहल्ला कानून गोयान में सम्पन्नमुहर्रम के मौके पर नवासा ए रसूल हजरत इमाम हुसैन के बेटे हजरत अली अकबर की याद में इदारा ए जवानाने अली अकबर की ओर से हुसैनी ब्लड डोनेशन कैंप आयोजितयूपी में 3 करोड़ महिलाएं जुड़ेंगी स्वयं सहायता समूहों से, 1 करोड़ बनेंगी ‘लखपति दीदी’केशव प्रसाद मौर्यरौनक रज़ा लाइब्रेरी सिरसी में प्रतिभाशाली छात्र,छात्राओं का सम्मानअल अमर सोशल ट्रस्ट की मासिक बैठक संपन्न: भीषण गर्मी को देखते हुए जगह-जगह लगाए जाएंगे पानी के प्याऊदेहरादून में सजी अदब की शानदार महफ़िल, ऑल इंडिया मुशायरे में गूँजता रहा शेर-ओ-सुख़न का जादूप्रदूषण से इस दौर में प्रकृति को बचाना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी*: मिर्जा अरशद बेगविपरीत परिस्थितियों में सशक्त बने रहते हैं परोपकारी : बाबा आकांक्षीएन एस ओ ने हिन्दी साप्ताहिक समाचार पत्रों के सम्पादकों को “हिन्दी पत्रकारिता दिवस” पर सम्मानित किया

उत्तरप्रदेशमुरादाबाद

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से 32 अर्घ्य समर्पित किए।

हिन्दू पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल पक्ष एकादशी को देवोत्थान एकादशी या देवउठनी एकादशी का पर्व मनाने की परम्परा प्राचीन काल से चली आ रही है।

Janta Aur Janadesh

मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से 32 अर्घ्य समर्पित किए। सम्मेद शिखर से आए विधानाचर्य ऋषभ शास्त्री के सानिध्य में विभिन्न सूबों-यूपी के अलावा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, असम आदि से आए श्रावक-श्राविकाएं, छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भगवान के अभिषेक प्रक्षालन उपरांत सौधर्म इंद्र और देवोत्थान एकादशी 4 नवंबर को: जानिए व्रत के नियम, पौराणिक कथा, पूजन विधि और भी बहुत कुछ…धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हर माह में आने वाली एकादशी अपने आप में महत्वपूर्ण होती है, लेकिन सबसे बड़ी एकादशी ‘देवोत्थान एकादशी’ मानी जाती है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल पक्ष एकादशी को देवोत्थान एकादशी या देवउठनी एकादशी का पर्व मनाने की परम्परा प्राचीन काल से चली आ रही है।

 


Janta Aur Janadesh

जनता और जनादेश

जनता और जनादेश समाचार पत्र वेब पोर्टल एवं वेबसाइट विश्वसनीय खबरों का एक ऐसा निष्पक्ष प्लेटफार्म है जिसके माध्यम से जनता और जनादेश ग्रुप इसके संपादक फसी उर रहमान बैग द्वारा हमेशा निष्पक्षता से खबरों के प्रकाशन में अपनी एक हम किरदार अदा करके इस देश को पत्रकारिता की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया जा रहा है l

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!