शहंशाह-ए-तरन्नुम स्वर्गीय मुहम्मद रफ़ी साहब की 46वीं पुण्यतिथि के अवसर पर,याद किये गये मोहम्मद रफी
समिति के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप शर्मा ने कहा कि मुहम्मद रफ़ी साहब केवल एक महान पार्श्व गायक ही नहीं, बल्कि भारतीय संगीत जगत की ऐसी अमर शख्सियत थे, जिनकी मधुर, सादगीपूर्ण और भावपूर्ण आवाज़ ने करोड़ों दिलों में स्थायी स्थान बनाया। उन्होंने अपनी गायकी से प्रेम, देशभक्ति, भक्ति, सूफियाना कलाम और मानवीय संवेदनाओं को जिस खूबसूरती से अभिव्यक्त किया, वह आज भी लोगों को भाव-विभोर कर देती है


(फसी उर रहमान बेग)मुरादाबाद! समाजसेवी,वरिष्ठ पत्रकार एवं सुप्रसिद्ध निर्यातक एवं आपका रहबर के संपादक,हाजी अशरफ अंसारी पीरजादा रोड, स्यालकोट स्थित के कार्यालय पर मुरादाबाद सांस्कृतिक समिति द्वारा सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक, शहंशाह-ए-तरन्नुम स्वर्गीय मुहम्मद रफ़ी साहब की 46वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी एवं श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए समिति के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप शर्मा ने कहा कि मुहम्मद रफ़ी साहब केवल एक महान पार्श्व गायक ही नहीं, बल्कि भारतीय संगीत जगत की ऐसी अमर शख्सियत थे, जिनकी मधुर, सादगीपूर्ण और भावपूर्ण आवाज़ ने करोड़ों दिलों में स्थायी स्थान बनाया। उन्होंने अपनी गायकी से प्रेम, देशभक्ति, भक्ति, सूफियाना कलाम और मानवीय संवेदनाओं को जिस खूबसूरती से अभिव्यक्त किया, वह आज भी लोगों को भाव-विभोर कर देती है।
विचार गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार सुशील कुमार शर्मा ने कहा कि रफ़ी साहब का जीवन विनम्रता, सादगी और समर्पण का अनुपम उदाहरण था। संगीत के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव अमिट रहेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उनके गाए हुए गीत आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं, जितने अपने समय में थे। ऐसे महान कलाकार को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनकी कला, उनके संस्कार और उनकी मानवीय सोच को अपने जीवन में अपनाएँ।
समिति के कोषाध्यक्ष एक्टिव प्रेस क्लब के महासचिव निर्यातक हाजी अशरफ साहब ने अपने संबोधन में कहा कि स्वर्गीय मुहम्मद रफ़ी साहब की गायकी ने संगीत को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कीं। उनकी आवाज़ में ऐसी मिठास, सादगी और आत्मीयता थी, जिसने उन्हें हर वर्ग का प्रिय गायक बना दिया। उन्होंने कहा कि रफ़ी साहब के गीत सदैव लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे और नई पीढ़ी को भी उनकी कला से प्रेरणा मिलती रहेगी।
समिति के संगठन सचिव मुहम्मद अहमद ने कहा कि मुहम्मद रफ़ी साहब भारतीय संगीत जगत की अमूल्य धरोहर थे। उन्होंने अपनी सुरीली आवाज़ और उत्कृष्ट गायन से देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में भारतीय संगीत का गौरव बढ़ाया। रफ़ी साहब का व्यक्तित्व विनम्रता, इंसानियत और समर्पण का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि ऐसे महान कलाकारों को याद करना और उनकी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।सभा का संचालन वरिष्ठ पत्रकार एवं समिति के सचिव परवेज नाजिम ने किया विचार गोष्टी को बिलाल अहमद सुनील कुमार शर्मा राधेश्याम शर्मा जाकिर बेग सरताज़ अहमद गुड्डू हाजी मोहम्मद आसिफ सनी ज़ुबैर आदि ने विचार व्यक्त किये



















