रामायण मेला 2026 में चौपाई गायन प्रतियोगिता का भव्य समापन, 267 बच्चों ने किया प्रतिभाग
श्रीरामलीला महासंघ के तत्वावधान में आयोजित रामायण मेला-2026 के अंतर्गत चौपाई गायन प्रतियोगिता-सम्मान समारोह का भव्य आयोजन रविवार को रामगंगा विहार-2 स्थित आरएसडी एकेडमी में किया गया


जनता और जनादेश
चौपाई गायन प्रतियोगिता में ऑनलाइन माध्यम से 267 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में बच्चों की प्रतिभा, गायन शैली, उच्चारण, प्रस्तुति और रामायण की चौपाइयों के ज्ञान का मूल्यांकन किया गया,बेहतर प्रदर्शन करने वाले 14 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया,चयनित प्रतिभागियों को दो टीमों में विभाजित कर प्रतियोगिता को आगे बढ़ाया गया। इनमें से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉप फाइव बच्चों का चयन किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया।

8 आठ वर्ष से 14 वर्ष आयु वर्ग में निष्ठा शर्मा, मौलिक रस्तोगी प्रथम, यशास्वी शर्मा द्वितीय, भक्ति रस्तोगी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वहीं 15 से 20 वर्ष आयु वर्ग में शिवानी दीक्षित प्रथम, कारिश्मा गोद द्वितीय, नताशा सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में बच्चों ने रामायण की चौपाइयों का भावपूर्ण गायन कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में अपस्थित सभी अतिथि आयोजक एवीएन ऑडियंस ने अपने स्थान पर खड़े होकर सस्वर हनुमान चालीसा का पाठ किया। आयोजन के दौरान बच्चों की प्रतिभा को देखकर अभिभावकों और अतिथियों ने भी उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य डॉ. जयपाल सिंह ‘व्यस्त’ रहे। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम अपने सनातन को बढ़ाने के लिए अच्छा प्रयास है, इस प्रकार की प्रतियोगिताओं का मकसद केवल बच्चों में प्रतियोगिता की भावना पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें अपनी संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ना भी है।
कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. हरवंश दीक्षित, विधि सलाहकार राजभवन असम, अति विशिष्ट अतिथि डॉ. विनोद कुमार, चेयरमैन आरएसडी एजुकेशनल ग्रुप, विशिष्ट अतिथि डॉ. बृजपाल सिंह यादव, प्रदेश अध्यक्ष कला भारती तथा मुख्य वक्ता महासंघ अध्यक्ष डॉ. संजीव आकांक्षी ‘बाबा’ रहे। कला भारती के प्रदेश अध्यक्ष एवं महासभा के अध्यक्ष डॉक्टर संजीव आकांक्षी बाबा ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और भारतीय संस्कृति से जोड़ना समय की आवश्यकता है। रामायण की चौपाइयों के माध्यम से बच्चों में संस्कार, नैतिकता, सेवा, मर्यादा और धर्म के प्रति जागरूकता पैदा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाने और आने वाली पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं से परिचित कराने के लिए ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखा जाएगा।
समारोह के अंत में चयनित छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, अभिभावकों और सहयोगियों का आभार जताते हुए कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की।
निर्णायक मंडल में श्री आदर्श भटनागर, राजकुमार गोस्वामी, साध्वी गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का संचालन शिल्पी सक्सैना ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रमोद रस्तोगी, सुरेंद्र सिंह, पंकज शर्मा, प्रेमनाथ यादव, रचित रस्तोगी, सचिन गुप्ता, लवलीन सक्सैना, आकृति, प्राप्ति गुप्ता, सुमित शर्मा, सुमित सक्सेना, अनिल पाल सिंह आदि।



















