ऑल इंडिया मुस्लिम फेडरेशन ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई की शहादत पर जताया गहरा शोक
बैठक में फेडरेशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि (खिराज-ए-अकीदत) अर्पित की


आज ‘ऑल इंडिया मुस्लिम फेडरेशन’ (महानगर इकाई) की एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामनेई की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त किया गया। बैठक कि सदारत संस्थापक सदस्य चौधरी अब्दुल समद साहब ने व निज़ामत के फराइज़ फिरोज़ खां ने अदा किये। बैठक में फेडरेशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि (खिराज-ए-अकीदत) अर्पित की।
शांति का संदेश और युद्ध की निंदा फेडरेशन के महानगर अध्यक्ष साहिल शमसी ने अपने संबोधन में कहा कि अयातुल्ला खामनेई का निधन न केवल ईरान बल्कि पूरे मुस्लिम जगत और मानवता के लिए एक बड़ी क्षति है। जिला महासचिव व युवा लेखक फिरोज़ खाँ ने जोर देकर कहा कि “जंग (युद्ध) किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि यह विनाश का मार्ग है।” युद्ध हमेशा निर्दोषों की जान लेता है और मानवता को पीछे धकेलता है।
तानाशाही रवैये पर कड़ा ऐतराज करते हुए सय्यद तारीक अनवर ने वैश्विक हालातों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अमेरिका और इजरायल को अपनी विस्तारवादी और तानाशाही नीतियों को छोड़ देना चाहिए। किसी भी संप्रभु राष्ट्र की सीमाओं और नेतृत्व का सम्मान करना अंतरराष्ट्रीय कानून की जिम्मेदारी है। दुनिया को डराने और अपनी शर्तों को थोपने की ‘तानाशाही’ वैश्विक शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
श्रद्धांजलि बैठक के अंत में फातिहा पढ़कर बम हमले मे शहीद हुए मासूमों के लिए प्रार्थना की गई। वक्ताओं ने कहा कि खामनेई के संघर्ष और उनके विचारों को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने दुनिया भर के देशों से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ कर संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाएं।
इस मौके मुख्य रूप से मोजूद रहे मोहसिन खाँ, गुलज़ार अहमद, इस्लाम उल्लाह खाम, हाफ़िज़ क़ासिम, मुजाहिद फराज़, हम्माद खान, आदि





























