मुख्य विकास अधिकारी ने विकास खण्ड छजलैट में स्थित वृहद गो संरक्षण केन्द्र सादकपुर खिचड़ी का निरीक्षण
पीने के लिये ताजा स्वच्छ पेय जल उपलब्ध है तथा पानी की होदी को हर हफ्ते चूने से पुताई किए जाने के बारे में जानकारी दी गई। साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गयी

(फसी उर रहमान बेग)। मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी ने विकास खण्ड छजलैट में स्थित वृहद गो संरक्षण केन्द्र सादकपुर खिचड़ी का निरीक्षण किया
निरीक्षण के समय गौशाला पर 141 नर और 154 मादा (कुल 295) गोवंश संरक्षित पाये गये। गौशाला पर भूसा, खल, चोकर एवं हरा चारा, गुड़ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध मिला।

गौवंशों को नियमित रूप से निर्धारित मानक के अनुसार गुड़ तथा दाना प्रतिदिन दिया जा रहा है। पीने के लिये ताजा स्वच्छ पेय जल उपलब्ध है तथा पानी की होदी को हर हफ्ते चूने से पुताई किए जाने के बारे में जानकारी दी गई। साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गयी। कहीं भी जल भराव एवं कीचड नहीं है। परिसर में खड़जे के निर्माण का कार्य चल रहा है। गौशाला में संरक्षित गोवंशों को ठंड से बचाने के लिए शेडों के चारों तरफ पर्दे, शेडों के अन्दर हेलोजन लाईट की पूर्ण व्यवस्था है। गो आश्रय स्थल की निगरानी किये जाने हेतु 08 सीसीटीवी कैमरे लगाये गये है, जिसे विकास भवन स्थित कन्ट्रोल रूम से जोड़ा गया है तथा सीसीटीवी कैमरों से गौशाला की निरन्तर निगरानी की जाती है। गौशाला में वर्मी कम्पोस्ट भी तैयार किया जा रहा हैं। निरीक्षण के दौरान 01 गौवंश बीमार पाया गया, जिसका उपचार पशुचिकित्सा अधिकारी द्वारा किया जा रहा हैं। गौशाला में पॉच गर्भवती गायों को अलग कर उनकी विशेष व्यवस्था की गई है तथा उन्हें अतिरिक्त संतुलित आहार दिया जा रहा है। इनमें से एक गाय ने चार दिन पूर्व ही एक बच्चे को जन्म दिया है।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा संरक्षित गौवंश हेतु पर्याप्त हरे चारे की नियमित उपलब्धता तथा कुछ केयर टेकरों का मानदेय भुगतान जो 02 माह से रूका हुआ है, के भुगतान हेतु ग्राम पंचायत सचिव को निर्देशित किया गया।
निरीक्षण के समय मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, पशुचिकित्सा अधिकारी, ग्राम प्रधान, पशुधन प्रसार अधिकारी तथा ग्राम पंचायत अधिकारी के साथ-साथ गौशाला के समस्त केयर टेकर उपस्थित रहे।





























