विपरीत परिस्थितियों में सशक्त बने रहते हैं परोपकारी : बाबा आकांक्षी


फसी उर रहमान बेग,मुरादाबाद में आयोजित 120 वें भंडारे में अध्यक्ष बाबा संजीव आकांक्षी में मंगल चिंतन में कहा की निरंतर परोपकार एवं जन कल्याण के कार्य में लगा हुआ साधारण मनुष्य भी विपरीत परिस्थितियों में विचलित नहीं होता, क्योंकि जो मनुष्य सदाचारी परोपकारी और समाज सेवा में लगा रहता है, अन्य मनुष्यों के मुकाबले उसका मनोबल कहीं अधिक और कई गुना सशक्त होता है.
निरंतर परोपकार की भावना से सद्कर्म और जनता का कल्याण करने वाले व्यक्ति पर परमात्मा की अदृश्य दृष्टि निरंतर बनी रहती है और यह अदृश्य दृष्टि ही परमात्मा की कृपा के रूप में उसके साथ चलती है.
जीवन में आने वाली विपरीत से विपरीत परिस्थिति में भी ऐसे व्यक्ति का न तो मनोबल टूटता है न ही वह विचलित होता है. परोपकारी व्यक्ति के जीवन में यदि कोई कष्ट आता भी है तो वह भी क्षणिक ही होती है. ऐसे व्यक्ति के जीवन में बाधाएँ अधिक समय तक ठहर नहीं पातीं.
सदाचारी- परोपकारी मनुष्य केवल अपने जीवन का ही उद्धार और उन्नति नहीं करता, अपितु उसके संपर्क में आने वाले सभी लोग सन्मार्ग पर चलकर आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति करते हैं.
आज के आयोजन में बाबा संजीव आकांक्षी ने कहा कि शीघ्र ही आश्रम से जुड़े सभी भक्तों के साथ बैठकर एक बड़े आयोजन पर चर्चा करके मूर्त रूप प्रदान किया जाएगा.
निरंतर चल रहे रसोई भंडारे के 120 का अंक पूरा करना जहां एक और भगवत कृपा से संभव हुआ है वहीं दूसरी ओर सभी का सात्विक मन से निरंतर जुड़े रहना भी इस आयोजन की इतनी बड़ी संख्या में महत्वपूर्ण योगदान है.
आज के मंगल चिंतन में सभी के प्रति आभार पंकज शर्मा ने किया. आज की आयोजन में प्रमुख रूप से प्रमोद रस्तोगी, डॉक्टर बृजपाल सिंह यादव, प्रत्यूष यादव, डॉक्टर सत्यवीर चौहान, प्रशांत अग्रवाल, मोहित अग्रवाल, अमित कृष्णात्रेय, राघव शर्मा, नीरज मित्तल आदि उपस्थित रहे.




















