रौनक रज़ा लाइब्रेरी सिरसी में प्रतिभाशाली छात्र,छात्राओं का सम्मान
कौम की रहबरी सिर्फ़ बयान देने से नहीं, बल्कि अमल और नुमाइंदगी से होती है,मौलाना एहतेशाम


मोहम्मद यूसुफ ( जनता और जनादेश)। रौनक रज़ा लाइब्रेरी* मोहल्ला चौधरीयान सिरसी चौधरी रौनक रज़ा पुरस्कार 2025-26 छात्र सम्मान समारोह के दौरान अपने विचार रखते हुए मौलाना चौधरी सैo एहतेशाम अली नक़वी साहब ने छात्रों व लाइब्रेरी कौम और मुल्क से जुड़े अहम मसाइल पर विस्तार विमर्श किया मौलाना चौधरी सैo एहतेशाम अली नक़वी साहब हमेशा से कौम की रहनुमाई, एकता, शिक्षा की आवाज़ को बुलंद करने के लिए जाने जाते हैं।

उनकी इल्मी शख्सियत और बेबाक क़ियादत ने उन्हें अवाम के दिलों में एक खास मुकाम पैदा करा दिया है। अवाम उन के इस खुशगवार लहजे से उनकी एक छोटी सी लब्बैक पर भी अवाम उन के हर एक छोटे से प्रोग्राम को भी बहुत बड़ा व खूबसूरत बना देती है लोग उन से उम्मीद करते हैं, कौम के समाज के बच्चों की बेहतर से बेहतर इल्म (शिक्षा) का विकास हो उनकी यह कोशिश काबिले-तारीफ़ है। अल्लाह तआला उन्हें सेहत, तौफ़ीक़ और कामयाबी अता फरमाए तथा उनकी खिदमात को और बुलंदियों तक पहुँचाए। आमीन।

“कौम की रहबरी सिर्फ़ बयान देने से नहीं, बल्कि अमल और नुमाइंदगी से होती है — और मौलाना चौधरी सैo एहतेशाम अली नक़वी साहब ने अपने आप में इसका बेहतरीन मिसाल का नमूना हैं।”




















