संभल के विद्युत विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से 30 लाख की ठगी करने वाला काला ठग पुलिस की गिरफ्त में
रविवार को सुबह करीब साढ़े दस बजे प्रभारी इंस्पेक्टर हरीश कुमार ने मय पुलिस टीम के साथ आरोपी जेई को बेहटा जयसिंह के निकट से गिरफ्तार किया है। एएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जेई को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया

क्राइम डेस्क संभल (शाहीन जमाल)
विद्युत विभाग में तैनात जेई विजयपाल सिंह को नौकरी, बिजली कनेक्शन और बिल जमा कराने के नाम पर 30 लाख की ठगी के आरोप में कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ चार थानों में मामले दर्ज हैं। उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।

नौकरी के नाम पर 30 लाख की ठगी करने वाला विद्युत निगम के जेई विजयपाल सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। करीब आठ माह बाद कोतवाली पुलिस के हत्थे चढ़े जेई की गिरफ्तारी के मामले में एएसपी (दक्षिणी) अनुकृति शर्मा ने प्रेसवार्ता कर खुलासा किया।
एएसपी ने बताया कि 30 अगस्त 2024 को गांव लहरावन निवासी महावीर यादव की ओर से दर्ज कराए गए मामले में कहा गया था कि नौकरी लगवाने के नाम पर विद्युत निगम में तैनात जेई की ओर से 30 लाख रुपये की ठगी की गई है। जेई कई लोगों से नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी कर चुका है।
इसके अलावा जेई घरेलू बिजली समेत नलकूप के कनेक्शन तथा ऑनलाइन विद्युत बिल जमा करने के नाम पर भी ठगी करता है। जेई गांव नरौदा निवासी है और फिलहाल चंदौसी की आवास विकास कॉलोनी में रहता है। एएसपी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही पुलिस आरोपी जेई को गिरफ्तार करने में जुटी हुई थी।
एएसपी अनुकृति शर्मा ने बताया कि आरोपी विद्युत जेई विजयपाल सिंह के खिलाफ अलग-अलग थानों में चार मामले दर्ज हैं। इनमें कोतवाली बहजोई समेत थाना जुनावई, रजपुरा व चंदौसी में भी एक-एक मामला दर्ज है।
20 लाख नौकरी के नाम पर व 10 लाख जमीन के नाम पर ठगे थे
गांव लहरावन निवासी महावीर यादव ने एसपी को दी तहरीर में कहा था कि आरोपी जेई के नाम पर उसने व उसके पिता चरन सिंह ने तीन बार तहरीर दी थी। आठ मई को एसई विद्युत को भी शिकायतीपत्र दिया था। इसमें बताया था कि विजयपाल सिंह ने उसकी व भाइयों की बिजली निगम में टीजी-2 पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर 20 लाख रुपये ले लिए थे।
बाद में नौकरी नहीं लगवाई, तो उसने विजयपाल सिंह से 20 लाख रुपये वापस करने को कहा। इस पर विजयपाल सिंह ने कहा कि मेरी खेती की जमीन खरीद लो। हामी भरने पर 10 लाख रुपये लेकर जमीन की रजिस्ट्री उसने पिता के नाम करा दी थी। बाद में वह जमीन भी दूसरे की निकली। विजयपाल सिंह उस जमीन की रजिस्ट्री पहले किसी को कर चुका था।
एएसपी अनुकृति शर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि जानकारी जुटाने के बाद सामने आया कि आरोपी जेई विजयपाल सिंह नौकरी लगवाने समेत घरेलू बिजली व नलकूप का कनेक्शन कराने तथा ऑनलाइन बिल जमा कराने के नाम पर कई लोगों से रुपयों की ठगी कर चुका है। इसके अलावा जेई की ओर से नौकरी के नाम पर रुपये लेने के बाद फर्जी नियुक्तिपत्र बनाकर दिए गए हैं।
आरोपी जेई विजयपाल सिंह की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने पर लोग अपने कर्ज की वसूली के लिए कोतवाली पहुंचे। इनमें से मोहल्ला पुराना डाकखाना रोड निवासी कपिल वाष्र्णेय का कहना था कि जेई ने बिजली बिल में सुधार कराकर कम धनराशि जमा कराने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये लिए थे। इसके बाद जेई की ओर से न तो बिल का सुधार ही कराया गया था और न ही धनराशि जमा की थी।
सप्ताह भर पहले अमरोहा के बुढ़नपुर से निलंबित हुआ है आरोपी जेई
आरोपी जेई विजयपाल सिंह अमरोहा के डिडौली के बुढ़नपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र पर बतौर टीजी-2 पद पर तैनात था। बीते माह फरवरी 2025 को अमरोहा में एक्सईएन विद्युत निखिल वर्मा की ओर से किए गए औचक निरीक्षण में विजयपाल सिंह गैरहाजिर मिला था।
21 अप्रैल को एक्सईएन ने अपने दफ्तर में तलब किया था। बावजूद इसके विजयपाल ने न तो संतुष्टिपूर्ण जवाब दिया और न ही एक्सईएन के दफ्तर में उपस्थित हुआ। इस पर एक्सईएन ने 29 अप्रैल 2025 को विजयपाल सिंह को निलंबित कर दिया था।
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विद्युत विभाग में तैनात जेई विजयपाल सिंह को नौकरी, बिजली कनेक्शन और बिल जमा कराने के नाम पर 30 लाख की ठगी के आरोप में कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ चार थानों में मामले दर्ज हैं। उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया
नौकरी के नाम पर 30 लाख की ठगी करने वाला विद्युत निगम के जेई विजयपाल सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। करीब आठ माह बाद कोतवाली पुलिस के हत्थे चढ़े जेई की गिरफ्तारी के मामले में एएसपी (दक्षिणी) अनुकृति शर्मा ने प्रेसवार्ता कर खुलासा किया।
एएसपी ने बताया कि 30 अगस्त 2024 को गांव लहरावन निवासी महावीर यादव की ओर से दर्ज कराए गए मामले में कहा गया था कि नौकरी लगवाने के नाम पर विद्युत निगम में तैनात जेई की ओर से 30 लाख रुपये की ठगी की गई है। जेई कई लोगों से नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी कर चुका हैl
इसके अलावा जेई घरेलू बिजली समेत नलकूप के कनेक्शन तथा ऑनलाइन विद्युत बिल जमा करने के नाम पर भी ठगी करता है। जेई गांव नरौदा निवासी है और फिलहाल चंदौसी की आवास विकास कॉलोनी में रहता है। एएसपी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही पुलिस आरोपी जेई को गिरफ्तार करने में जुटी हुई थी।
रविवार को सुबह करीब साढ़े दस बजे प्रभारी इंस्पेक्टर हरीश कुमार ने मय पुलिस टीम के साथ आरोपी जेई को बेहटा जयसिंह के निकट से गिरफ्तार किया है। एएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जेई को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया।
एएसपी अनुकृति शर्मा ने बताया कि आरोपी विद्युत जेई विजयपाल सिंह के खिलाफ अलग-अलग थानों में चार मामले दर्ज हैं। इनमें कोतवाली बहजोई समेत थाना जुनावई, रजपुरा व चंदौसी में भी एक-एक मामला दर्ज है।
20 लाख नौकरी के नाम पर व 10 लाख जमीन के नाम पर ठगे थे
गांव लहरावन निवासी महावीर यादव ने एसपी को दी तहरीर में कहा था कि आरोपी जेई के नाम पर उसने व उसके पिता चरन सिंह ने तीन बार तहरीर दी थी। आठ मई को एसई विद्युत को भी शिकायतीपत्र दिया था। इसमें बताया था कि विजयपाल सिंह ने उसकी व भाइयों की बिजली निगम में टीजी-2 पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर 20 लाख रुपये ले लिए थे।
21 अप्रैल को एक्सईएन ने अपने दफ्तर में तलब किया था। बावजूद इसके विजयपाल ने न तो संतुष्टिपूर्ण जवाब दिया और न ही एक्सईएन के दफ्तर में उपस्थित हुआ। इस पर एक्सईएन ने 29 अप्रैल 2025 को विजयपाल सिंह को निलंबित कर दिया था।ये भी बताते चले कि विद्युत विभाग में तैनात ठग को लोग मजाकिया अंदाज में काला ठग का नाम दे रहे है,और ऐसा भी हो सकता है कि ठगी का ये आरोपी भविष्य में भी काले ठग के नाम से जाना जाए l
रिपोर्ट जनता और जनादेश





























