मुजाबिर हसनैन चैरिटेबल ट्रस्ट: शिक्षा के क्षेत्र में मेधावी छात्रों की मदद के लिए एक नई पहल – मोहम्मद एबाद
आज दिनांक 24 मई 2025 को मुजाबिर हसनैन चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा मेधावी छात्र छात्राओं के लिए सम्मान समारोह सम्भल पब्लिक स्कूल सिरसी जनपद सम्भल में आयोजित किया गया



सिरसी (सम्भल) मोहम्मद यूसुफ(क्राइम हेड)
ट्रस्ट के चेयरमैन ने यू०पी०, सी बी एस सी आदि बोर्ड में कक्षा 10 और 12 में 75% और उससे अधिक प्राप्त अंक के साथ उत्तीर्ण मेधावी छात्र छात्राओं को सम्मनित किया गया। सभी छात्र छात्राओं को बधाई दी और शिक्षा की उयोगोगिता के बारे में बताया।
ट्रस्ट के चेयरमैन श्री मोहम्मद एबाद कहा मुजाबिर हसनैन चैरीटेबल ट्रस्ट शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की है, जिसका उद्देश्य गरीब छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्रदान करना और उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाना है। इस ट्रस्ट के प्रयासों से न केवल छात्रों की शिक्षा में सुधार होगा, बल्कि समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
गरीब छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान करना, छात्रों को पुस्तकें, स्टेशनरी और अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान करना, छात्रों को व्यक्तिगत ध्यान देना और उनकी प्रतिभा को निखारना, समाज में शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देना और गरीब छात्रों के लिए समान अवसर प्रदान करना
मुजाबिर हसनैन चैरिटेबल ट्रस्ट का यह प्रयास निस्संदेह मेधावी छात्रों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा और उन्हें अपने भविष्य को लेकर आशावादी बनाएगा। हमें उम्मीद है कि ट्रस्ट का यह कार्य शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा देगा और समाज को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्य अतिथि डी०आई०जी० श्री जमाल ताहा जी ने छात्र छात्राओं को समय की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है हमे अपने समय का सही उपयोग करना चाहिए।
श्री शाकिर इस्लाही जी ने कहा आज छात्र छात्राओं को अपने समय का ध्यान रखते हुए पढ़ाई करनी चाहिए समय बहुत कीमती है हमे समय की अहमियत समझना चाहिए।
असगर अली अंसारी ने कहा शिक्षा अत्यंत आवश्यक है हमे अधिक से अधिक शिक्षा प्राप्त करके ही सफल हो सकते है। आधुनिक युग मे बिना शिक्षा के समाज तरक़्क़ी नही कर सकता।
कार्यक्रम के शहज़ाद द्वारा आयोजित किया गया।
इस अवसर पर समाजसेवी नुसरत इलाही, गुलाम मोहम्मद, मोहम्मद आदिल एडवोकेट, गुलाम अब्बास, मोहसिन रज़ा, हुसैनुल बथा, नौशाद पाशा, कादिर पाशा, शाहिद पाशा, मोहम्मद रज़ा, हाजी काशिफ, फ़िरोज़ हैदर आदि मौजूद रहे।





























