तरन्नुम द्वारा चौकी इंचार्ज डींगरपुर पर लगाए आरोप झूठे निकले,Ssp मुरादाबाद के सामने लगाए गए आरोपों से मुकर गई
कहा बहकावे में आकर दिया ,चौकी प्रभारी के खिलाफ प्रार्थनापत्र


रियाज़ राजा (ग्रुप एडिटर)
जिसे चाहे ,फंसा लो,किसी पर भी कोई गलत आरोप लगाकर,उसे बदनाम कर दो,आखिकार समाज किस और जा रहा है,महिलाएं,लड़कियां,निर्दोषों पर ऐसे आरोप लगा रही है,जिसमें बिना जांच के ही FIR लिखने के निर्देश,सरकार द्वारा दिए गए है,आम आदमी के बारे में तो कुछ कहना दूर,खुद पुलिस की ड्यूटी करने वाले अधिकारी अगर सच का साथ दें तो उनके खिलाफ भी मनगढ़ंत आरोप लगाकर ,पुलिस अधिकारियों को भी ब्लैकमेल करने की कोशिश की जा रही है l ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है,एक युवती जो थाना पाकबड़ा की रहने वाली है, डींगरपुर आती है और फरहान नाम के व्यक्ति के घर आकर बैठ जाती है,मामला थाना मैनाठेर की डींगरपुर पुलिस चौकी आता है,चौंकी इंचार्ज अनिल कुमार जी उस लड़की तरन्नुम को समझlकर उसे घर भेज देते है,लड़की तरन्नुम चौकी इंचार्ज के न्यायपूर्ण फैसले से संतुष्ट नहीं होती,या फिर ऐसे लोग जो हनी ट्रैप गैंग बनाकर जिले में ब्लैकमेलिंग का खेल खेलकर,लोगो,अधिकारियों को ब्लैकमेल कर रहे है,उनके बहकावे या फिर पहले से ही पूर्व नियोजित ठगी की योजना के तहत,बेकसूर चौकी इंचार्ज, डींगरपुर पर अनाप, शनाप आरोप लगाकर,ssp Moradabad को आरोपपत्र दे देती है,कप्तान साहब के आदेशपर जांच होती है,मामला फर्जी निकलता है और तरन्नुम पुत्री साबिर निवासी पाकबड़ा मुरादाबाद,कार्रवाई के डर से अपना जुर्म कुबूल लेती है कि उसके द्वारा जो भी गलत आरोप ,चौकी इंचार्ज डींगरपुर पर लगाए गए वो पूरी तरह से गलत है,वो अपने प्रार्थनापत्र पर कोई कार्रवाई नहीं चाहती l जिस तरह से तरन्नुम ने एक ईमानदार पुलिस अधिकारी पर झूठे आरोप लगाकर उन छवि खराब कर उनको फंसाने की कोशिश की वो यक़ीनन गलत है l बरहाल जिस तरह से तरन्नुम पाकबड़ा से आकर,फरहान नाम के व्यक्ति के घर रुक जाती है, समझाने वाले चौकी इंचार्ज को हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश करती है,ऐसे हालात में तो अब पुलिस अधिकारी भी सुरक्षित नहीं l आखिरकार ये कौन से कानून बना दिए गए,महिलाएं ही अब आदमियों की हत्या,झूठे आरोपों में फंसा रही है, माफिया और गुंडे अब अपनी सुरक्षा के लिए सुरक्षा गार्डों की जगह,ऐसी लड़कियों और औरते रख रहे है जो उनके कहने पर किसी भी तरह का किसी पर कोई भी ऐसा आरोप लगा देती है,जिसमें इंसान या तो जेल जाए,या फिर बचने के लिए माफियाओं की बात न ले l आज जिस तरह से एक ऐसे ईमानदार चौकी इंचार्ज डींगरपुर पर झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि को खराब करने की कोशिश की गई वो सच में चिंता का विषय है l फिलहाल तरन्नुम द्वारा पूर्व में लगाए गए आरोप गलत निकले,जिसको उसने स्वीकार भी कर लिया है l
रिपोर्ट :जनता और जनादेश





























