आंतरिक ऊर्जा के जागरण का अवसर हैं नवरात्र : आकांक्षी
स्वामी नारदानन्द ऋषि आश्रम में संपन्न हुई 85वीं रसोई


मुरादाबाद. स्वामी नारदानंद ऋषि आश्रम में 85वां भंडारा का आयोजन आज किया गया. इस अवसर पर आयोजित मंगल चिंतन में बाबा संजीव आकांक्षी ने कहा की नवरात्रों में ऊर्जा का संचय करना और उसका सदुपयोग पवित्र एवं आध्यात्मिक कार्यों में करना मनुष्य को जीवन में उत्कृष्ट स्थान प्रदान कराता है.
आध्यात्मिक साधना के इन पवित्र दिनों में जो भी सात्विक पवित्र एवं जन कल्याणकारी कार्य हम कर सकते हैं उसके लिए हमें सदैव तत्पर रहना चाहिए. यदि हम इन पवित्र दोनों का भी सदुपयोग नहीं कर पा रहे हैं तो मानिए की मां भगवती की कृपा हम तक नहीं पहुंच रही है. परमात्मा को जब भी हमें अपने चरणों से दूर रखना होता है तो वह मन, बुद्धि में विकार उत्पन्न करा देता है और इन सांसारिक विषय भोगों में जब भी हम फंस रहे हैं, सीधे-सीधे रास्ते चलते हुए भी अचानक यदि आप गलत कार्यों की ओर अग्रसर हो रहे हैं या उनमें रुचि हो रही है तो यह मानिए कि परमात्मा आपसे कहीं रुष्ट है.
अन्यथा परमात्मा की सेवा में लगने वाले भक्तों का मार्ग कभी भी विषय भोगों से अवरुद्ध नहीं होता. इसलिए इन पवित्र दिनों में अपने अंतःकरण की सात्विकता को और अधिक बनाए रखते हुए अपनी अंतः ऊर्जा की जागृति के साथ-साथ अपने एवं परिवार के कल्याण की कामना का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए.
आज के आयोजन में बाबा संजीव आकांक्षी, बृजपाल सिंह यादव, सुरेंद्र सिंह, पंकज शर्मा, रामेंद्र शर्मा, वर्तिका शर्मा, अक्षय इंद्र सारस्वत, राजेंद्र मोहन शर्मा, संजय स्वामी आदि उपस्थित रहे.
फसी उर रहमान बेग (एडमिन)





























