महान क्रान्तिकारी शहीद ए वतन मौलाना मौहम्मद अली जौहर के नाम से मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर यूनिवर्सिटी को सरकारीयूनिवर्सिटी का दर्जा मिले:तंजीम शास्त्री
मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर पर रामपुर विकास प्राधिकरण आदि विभागों से डिमोलिशन आदेश की कार्यवाही निरस्त करने की मांग


फसी उर रहमान बेग (जनता और जनादेश) सरकारी विश्वविद्यालय बनाओ मिशन संगठन दुआरा एक ज्ञापन जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से माहिम राष्ट्रपति को भेजा। इस ज्ञापन के माध्यम से मोहम्मद आज़म खान भारतीय राजनेता के स्थापित शिक्षण संस्थान व उनके छात्रो के भविष्य के लिए मौहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर में निर्मित जिस निर्माण को रामपुर विकास प्राधिकरण आदि क्षतिग्रस्त करना चाहते हैं उसे रोकने के लिए यह भी आपके संज्ञान में लाना चाहते हैं कि मौहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी रामपुर पहले बनी, और रामपुर विकास प्राधिकरण बाद में बना है इसलिए यूनिवर्सिटी पर U. P. Urban Planning and development Act के प्रावधान लागू नहीं होते हैं। रामपुर विकास प्राधिकरण आदि के अधिकारियो का डिमोलिशन आदेश विधि विरूद्ध और जानबूझकर देना जिससे एक प्रतीत होता है कि शिक्षण संस्थान के चांसलर व विधार्थी के साथ उत्पीड़न करना है जो कि भारत के इतिहास का एक अध्याय बनेगा। मगर पूर्व इतिहास के पन्नों में बहुत कम ही ऐसे नाम है जिन्होंने वतन के प्रति ऐसी अटूट नीव रखी जिनमे मौलाना मोहम्मद अली जौहर का नाम उन्हीं में से एक है। एक ऐसा रहनुमा, जिसकी कलम की स्याही से अंग्रेजी हुकूमत भी कांपती थी और जिसका हृदय भारत की एकता के लिए धड़कता था। वो हिंदू-मुस्लिम एकता के सूत्रधार थे। उन्होंने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि भारत की आजादी की पहली शर्त हिंदू और मुसलमानों के बीच का अटूट भाईचारा है। उन्होंने खिलाफत और असहयोग आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी के साथ मिलकर जो एकता की मिसाल कायम की, वह आज के आधुनिक भारत के लिए एक प्रेरणा है।अपने अखबारों ‘कामरेड’ और ‘हमदर्द’ के जरिए उन्होंने बिना डरे सच बोला और जन-जागरण की अलख जगाई। गोलमेज सम्मेलन के दौरान उनका वह ऐतिहासिक भाषण—”मैं एक आजाद मुल्क में ही वापस जाऊंगा, वरना यहाँ मरकर इसी मिट्टी में दफन हो जाऊंगा”— उनकी देशभक्ति और वतन से बेपनाह मोहब्बत का सबसे बड़ा प्रमाण है। वे न केवल एक बेहतरीन वक्ता और लेखक थे, बल्कि एक ऐसे इंसान थे जिन्होंने सिखाया कि अपने वतन से मोहब्बत करना ईमान का हिस्सा है। आज हमें जरूरत है उन्हीं के दिखाए रास्ते पर चलकर भारत को और मजबूत बनाये, ऐसे महान देशभक्त के नाम भारतीय राजनेता मोहम्मद आज़म खान ने रामपुर में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर में बनाया। ज्ञापन के माध्यम से मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर उत्तर प्रदेश के लिए

मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर को सरकारी अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय घोषित कर छात्र छात्राओं का भविष्य बचाया जाए। विश्वविद्यालय रामपुर को सरकारी अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय घोषित कर छात्र छात्राओं का भविष्य बचाया जाए।
. मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर के संस्थापक भारतीय राजनेता मोहम्मद आज़म जी हैसियत चांसलर/संस्थापक की रखी जाए।
. मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर में स्थित मस्जिदों का संरक्षण करवाए जाएं।
ज्ञापन सौंपते समय मुख्य रूप से मोजूद रहे मो. तनजीम शास्त्री एड, संगठन संस्थापक, फिरोज़ खाँ, अध्यक्ष नागरिक जनकल्याण समिति, आवरण अग्रवाल संयुक्त सचिव, शहवैज़ इकबाल एड, नय्यर आलम एड, सारिक मालिक एड, राम सिंह दिवाकर एड, शेवी शर्मा एड, अजय पाल, धर्मेन्द्र सिंह सलमान, साहिल शमसी।




















