जेलों में बंद निर्दोष लोगों की मदद ज़रूरी: अनवारुल हक़
विश्व मानवाधिकार परिषद के पदाधिकारियों ने बिजनौर कारागार में निर्दोष कैदियों को जरूरत का सामान वितरित किया

बिजनौर :
विश्व मानवाधिकार परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मौलाना अनवारूल हक ने कहा कि सबसे बड़ा धर्म इंसानियत का है जो किसी के दुख दर्द में काम ना आए और किसी की मदद ना कर सके उसके अंदर इंसानियत नहीं,उन्हों ने कहा कि वक्त और दौलत कभी किसी के नहीं होते कब किसका वक्त बदल जाए और दौलत कब साथ छोड़ दे कुछ नहीं कहा जा सकता , इसलिए अगर ऊपर वाले ने हमें दौलत दी है तो हम उसको गरीबों पर जरूर खर्च करें,और हमारी मदद के सबसे ज्यादा हकदार निर्दोष कैदी है,आज भी भारत की जेलों में लाखों लोग ऐसे हैं जो आपसी रंजिश के चलते हैं और छोटी-छोटी बातों को लेकर हुए मकदमो में जेल काट रहे हैं और लाखों लोगों के मुकदमों की पेरोकारी करने वाला कोई नहीं हर व्यक्ति अपने स्तर से निर्दोष लोगों की रिहाई के लिए कोशिश कर उनकी और उनके परिवार वालों की मदद करें,विश्व मानवाधिकार परिषद जेलों में बंद निर्दोष लोगों की मदद के साथ साथ बेगुनाह बंदियों के मुकदमों की पैरोकारी करने का कार्य कर रहा है,राष्ट्रीय सचिव मोहम्मद तहसीम ने कहा कि विश्व मानवाधिकार परिवार मानव अधिकारों की रक्षा, निर्दोष बंदियों कैदियों की मदद, आपसी भाईचारा, के लिए देश भर मैं काम कर रहा है,जिला अध्यक्ष जीशान नजीबाबादी ने कहा कि पूर्व साल की तरह इस साल भी बिजनौर कारागार में विश्व मानव अधिकार परिषद की तरफ से जरूरत का सभी सामान वितरित किया जा रहा है और भी आगे किसी बंदी या कैदी को कोई जरूरत होगी हम उसको पूरा करने का प्रयास करेंगे इस मौके पर जिला महासचिव मोहम्मद मोहसिन एडवोकेट, मास्टर मोहम्मद राशिद, कृष्णा चौधरी,राहुल कुमार, हाजी आरिफ उर्फ गुल्लू, फेजी भाई, निसार अहमद, शिवदत्त, मोहम्मद नदीम, अजमल सिद्दीकी, मोहम्मद गुलफाम मोहम्मद आमिल, हारुन अंसारी, मुजाहिद अंसारी, आसिफ मलिक, आदि पदाधिकारी मौजूद रहे






























