सिरसी में जश्न-ए-ईद-मिलाद-उन-नबी के जुलूस का आयोजन:


दारुल उलूम इस्लामिया इस्लाहुलकौम सिरसी के तत्वाधान में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जुलूसे मोहम्मदी पूरी शानो शौकत से निकाला गया जुलूस का आगाज कारी गुलाम यजदानी ने तिलावते कुरआने करीम से किया शायरे इस्लाम हाजी गुलाम रब्बानी ने अपने दिलकाश अंदाज़ में नातिया अश्आर से माहौल को नूरानी बना दिया इसके बाद उस्मान हारूनी ने भी नाते पाक के अशआर पेश किए
जुलूस को खिताब करते हुये मौलाना मकबूल नईमी मुरादाबादी ने कहा कि अल्लाह के रसूल की हदीस है कि जो व्यक्ति दूसरों पर दया नहीं करता, उस पर अल्लाह भी दया नहीं करता।: । उन्होंने इसी संबंध में इस बात पर भी ज़ोर दिया कि यह दिन पैगंबर मुहम्मद (अल्लाह के रसूल) के जीवन, उनकी शिक्षाओं और उनके द्वारा दिए गए प्रेम और शांति के संदेश को याद करने के लिए समर्पित है. इस दिन का उद्देश्य मुसलमानों को एकता, भाईचारे और आध्यात्मिकता की भावना से जोड़ना है, ताकि वे पैगंबर के आदर्शों को अपने जीवन में अपना सकें और साथ ही ये दिन देश प्रेम के लिए भी प्रेरित करता है क्यूँ के अल्लाह के रसूल ने फरमाया कि अपने देश से प्रेम करना ईमान का हिस्सा है l
जश्न-ए-ईद-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर, नगर पंचायत सिरसी में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों द्वारा कई कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया जिसमें पैगंबर की जीवनी पर आधारित भाषण और प्रवचन. शामिल हैं इधर सजावट और रोशनी से पूरा नगर सुसज्जित रहा घरों, मस्जिदों और सार्वजनिक स्थानों को भी सजाया गया जुलूस की कमेटी ने जरूरतमंदों की मदद के लिए विभिन्न सामाजिक गतिविधियां आयोजित करने का निर्णय लिया है साथ ही समुदाय की एकता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के प्रतीक के रूप में जुलूस निकालने का आह्वान किया
जुलूस से पहले मीटिंग में कमेटी द्वारा ये भी अपील की गयी थी की हम सभी नागरिकों से, विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय से, इस पवित्र दिन को शांति, सद्भाव और एकता के साथ मनाने का आग्रह करते हैं. पैगंबर मुहम्मद की शिक्षाओं को अपने हृदय में उतारने और उनके प्रेम और शांति के संदेश को फैलाने का यह एक सुंदर अवसर है. प्रशासन ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की है, ताकि सभी नागरिक बिना किसी बाधा के इस पर्व का आनंद ले सकें. जुलूस का कुशल संचालन कारी आंसर उल हक ने किया
अंत में धर्मगुरु आलम रजा खान नूरी ने मुल्क और कौम की सलामती के लिए दुआ कराई साथ ही यह भी कहा की जुलूसे मोहम्मदी हिंदुस्तानी गंगा जमुना तहजीब की बड़ी मिसाल है इसमें सभी धर्म के लोग हिस्सा लेते हैं और जुलूस की शोभा बढ़ाते हैं
इस अवसर पर मोहम्मद वसीम पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत डॉ शाकिर हुसैन इस्लाही रियाजुद्दीन सैफी मकबूल अंसारी हाजी सादिक हाजी तस्लीम खुर्शीद मेंबर हाफ़िज हबीब हाफ़िज हम्ज़ा अली दिलशाद कुरैशी इरफान सैफी हाजी अब्दुल सत्तार हाजी मुशाहिद फार्मूद खान शाहिद खान हाजी अशफाक अंसारी रिजवान कुरैशी सालिम कुरैशी आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे





























