सर्राफा व्यापारी की पत्नी बोली पति पर लगे एससी-एसटी एवं छेड़छाड़ के आरोप झूठे, डीआईजी मुरादाबाद से न्याय की गुहार
परिवार के मुताबिक, इस संबंध में अंकित रस्तौगी ने पुलिस अधीक्षक सम्भल और सीओ चंदौसी को प्रार्थना पत्र देकर अपनी बात रखी थी। जून 2025 में सीओ कार्यालय में दोनों पक्षों की बातचीत भी कराई गई, जहाँ रजनी ने रुपये देकर जेवर लेने की बात


सलमान यूसुफ (रिपोर्ट)मुरादाबाद/चंदौसी। चंदौसी के सर्राफा व्यापारी अंकित रस्तौगी की पत्नी ने पति पर दर्ज एससी-एसटी एवं छेड़छाड़ के मुकदमे को पूरी तरह से झूठा बताते हुए डीआईजी मुरादाबाद से न्याय की मांग की है। प्रार्थिनी का कहना है कि उसके पति को साजिशन फर्जी मुकदमे में फँसाया गया है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि रजनी पत्नी भूरा निवासी मोहल्ला कचहरी रोड, चंदौसी ने वर्ष 2022 में उसके पति से सोना–चाँदी गिरवी रखकर ₹1,42,000 रुपये उधार लिए थे। कई बार कहने के बावजूद जब रुपये वापस नहीं किए गए तो व्यापारी ने अपना धन वसूलने के लिए जेवरात बेच दिए। इसके बाद सोने-चाँदी की कीमत बढ़ने पर रजनी ने जेवर वापस मांगे, लेकिन रुपये लौटाने से इनकार कर दिया। इस दौरान उसने व्यापारी को झूठे मुकदमे में फँसाने की धमकी भी दी।
परिवार के मुताबिक, इस संबंध में अंकित रस्तौगी ने पुलिस अधीक्षक सम्भल और सीओ चंदौसी को प्रार्थना पत्र देकर अपनी बात रखी थी। जून 2025 में सीओ कार्यालय में दोनों पक्षों की बातचीत भी कराई गई, जहाँ रजनी ने रुपये देकर जेवर लेने की बात कही थी, लेकिन बाद में उसने रुपये न देकर व्यापारी के खिलाफ 30 जुलाई 2025 को चंदौसी कोतवाली में एससी-एसटी एवं छेड़छाड़ का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया।
व्यापारी की पत्नी का कहना है कि पुलिस विवेचना के दौरान भी उनकी बात नहीं सुनी जा रही है और उच्चाधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्रों का निस्तारण सिर्फ औपचारिकता के तौर पर किया गया। उसने मांग की है कि विवेचना किसी अन्य एजेंसी से कराई जाए और व्यापारी के खिलाफ दर्ज झूठे मुकदमे को समाप्त किया जाए। साथ ही, फर्जी मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला पर भी सख्त कार्रवाई हो। डीआईजी मुनिराज ने मामले को संज्ञान में लेते हुए एसपी सम्भल को जांच के निर्देश दिए हैं।





























