महायज्ञ के साथ संपन्न हुआ श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह यज्ञ
वेद मंत्र उच्चारण के साथ संपन्न हुए यज्ञ के बाद विशाल भंडारा का आयोजन किया गया जो देर शाम तक चलता रहा. इसके साथ ही आज भंडारा का प्रसाद का वितरण ताड़ी खाना चौराहा के निकट जवाहर बाग पर भी किया गया


फसी उर रहमान बेग ( संपादक)स्वामी नारदानन्द ऋषि आश्रम में एक सप्ताह से चल रहा श्रीमद् भागवत कथा यज्ञ का समापन आज विशाल भंडारा एवं महायज्ञ के साथ संपन्न हुआ.
यज्ञ में मुख्य यजमान बाबा संजीव आकांक्षी एवं निधि शर्मा रहे उनके साथ ही यज्ञ में सह यजमान के रूप में डॉक्टर बृजपाल सिंह यादव, रामेंद्र शर्मा, डॉली शर्मा, प्रेमनाथ यादव, सविता यादव, आदि उपस्थित रहे.
वेद मंत्र उच्चारण के साथ संपन्न हुए यज्ञ के बाद विशाल भंडारा का आयोजन किया गया जो देर शाम तक चलता रहा. इसके साथ ही आज भंडारा का प्रसाद का वितरण ताड़ी खाना चौराहा के निकट जवाहर बाग पर भी किया गया.

आज के कार्यक्रम में मुख्य पुरोहित श्रीकांत शर्मा की प्रमुख भूमिका रही. कार्यक्रम में मुन्ना गुरु जी का आशीर्वाद सभी को प्राप्त हुआ. आज राघव शर्मा, अमित शर्मा, पंकज शर्मा, प्रमोद रस्तोगी, वर्तिका शर्मा, चंद्रावती कश्यप, केशव देवी कश्यप, मुन्नी रस्तोगी की प्रमुख भूमिका रही. कथा वाचक आचार्य अमित शर्मा ने कहा श्रीमद् भागवत पुराण के एक सप्ताह का सार यह है कि आप अपने जीवन में जितना अधिक समय भगवान के चिंतन, मनन, भजन, कीर्तन में लगा सकते हैं वह ही आनंद है.
एक सप्ताह तक नित्य प्रति कथा सुनकर जीवन में अच्छे प्रसंग को उतरना ही कथा का सार है. आपने जितना जीवन का अमूल्य समय कथा में प्रतिदिन बैठ कर दिया है उस समय का, उसे तपस्या का सदुपयोग यह ही है कि आप अपने जीवन में भगवत चिंतन के साथ सांसारिक कार्यों की प्रतिपूर्ति करते रहें. हम जो भी काम कर रहे हैं वह काम भगवान का है, यह मानकर यदि किया जाए तो जो भी काम हम कर रहे हैं वह सब भगवान की भक्ति ही हो जाती है. भगवान का निरंतर चिंतन के साथ आप जब कोई कार्य करते हैं, चाहे वह व्यापार है, चाहे मातृशक्ति महिलाओं के लिए घर का काम है वह सभी काम है पवित्र हो जाते हैं.
कार्यक्रम के अंत में सभी को प्रसाद वितरण के साथ विदा किया गया.





























