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उत्तरप्रदेशमुरादाबाद

ग्रामीण छात्रों के लिए स्नातक प्रवेश प्रक्रिया बनी चुनौती, OTP और ईमेल से सहमे अभिभावक

ग्रामीण छात्र केवल अपनी योग्यता से नहीं, तकनीकी जटिलताओं से भी जूझ रहे हैं। यदि विश्वविद्यालय और प्रशासन जल्द हस्तक्षेप नहीं करते, तो सैकड़ों छात्रों का उच्च शिक्षा का सपना अधूरा रह जाएगा

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राहत अली | जनपद मुरादाबाद

मुरादाबाद — इस वर्ष गुरु जंभेश्वर

         राहत अली,हेड न्यू सैनिक कॉलेज ऑफ लॉ

विश्वविद्यालय, मुरादाबाद द्वारा स्नातक प्रवेश प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन किए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों और उनके परिवारों के सामने नई परेशानियाँ खड़ी हो गई हैं। मोबाइल OTP सत्यापन, अनिवार्य ईमेल ID, और डिजिटल भुगतान जैसे तकनीकी चरणों ने छात्रों से अधिक अभिभावकों को डरा दिया है।

🔹 तकनीकी डर और अविश्वास:
कई ग्रामीण परिवार OTP को ठगी का माध्यम मानते हैं। एक छात्र के पिता ने कहा—
“हमारे फोन पर OTP आया तो पैसा कट जाएगा, ये सब चाल है।”
ऐसी मानसिकता के चलते कई परिवारों ने बच्चों को फॉर्म भरने से रोक दिया है।

🔹 छात्र स्वयं भी असहज:
जनपद के विभिन्न हिस्सों से जुड़े 10 छात्रों से बात करने पर सामने आया कि—

कुछ के फोन में रिचार्ज नहीं है

कुछ मेल ID का मतलब तक नहीं जानते

साइबर कैफे से बनवाई गई ID भी काम नहीं कर रही

कई छात्र तकनीकी सहायता के बिना ऑनलाइन फॉर्म तक नहीं भर पा रहे

🔹 डिजिटल इंडिया बनाम डिजिटल दूरी:
जहाँ केंद्र सरकार “डिजिटल इंडिया” की बात करती है, वहीं ग्रामीण छात्रों के लिए यह डिजिटल प्रक्रिया एक दीवार बनती जा रही है। इंटरनेट की सीमित पहुँच, स्मार्टफोन की कमी, और तकनीकी जानकारी का अभाव इसका मुख्य कारण है।

🔹 क्या विश्वविद्यालय तैयार था?
प्रश्न यह उठता है कि क्या विश्वविद्यालय ने प्रवेश प्रक्रिया से पहले छात्रों की सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी स्थिति का आकलन किया था?

क्या प्रवेश के लिए हेल्प डेस्क या ऑफलाइन विकल्प देने पर विचार किया गया?

क्या डिजिटल जागरूकता शिविरों की योजना बनी?

🔹 निष्कर्ष:
ग्रामीण छात्र केवल अपनी योग्यता से नहीं, तकनीकी जटिलताओं से भी जूझ रहे हैं। यदि विश्वविद्यालय और प्रशासन जल्द हस्तक्षेप नहीं करते, तो सैकड़ों छात्रों का उच्च शिक्षा का सपना अधूरा रह जाएगाÍ

📌 प्रस्तुति: राहत अली, स्वतंत्र पत्रकार
📍 स्थान: मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश


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