अन्जुमने मुहाफ़िज़े अज़ा के तत्वाधान में बीमारे कर्बला हज़रत इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम के यौमे शहादत पर ज़ुल्जनाह का क़दीमी जुलूस मौहल्ला चौधरियान स्थित अज़ाख़ानाए इमाम सैय्यदे सज्जाद अ.स.से निकाला गया


सिरसी,मोहम्मद युसूफ
जुलूस की मजलिस में सोज़ख़्वानी चौधरी बबर अली व उनके साथियों ने की। तथा मौलाना क़ाज़ी हुसैन रज़ा साहब ने मजलिस को खिताब फ़रमाते हुए कहा।कि हमारे ऊपर एक मुश्किल आजाए तो हम ख़ुदा को तथा उसकी इबादत को भूल जाते हैं। मगर हमारे इमाम सैय्यदे सज्जाद अलैहिस्सलाम ने अपना भरा घर लुटने के बाद भी शामे ग़रीबॉ के मसायब सहने के बाद भी सजदे करते रहे। तथा क़ैद में रहकर भी इबादत नहीं छोड़ी। हमे इमाम सैय्यदे सज्जाद की ज़िंदगी से सीख लेनी चाहिए अंत में मौलाना ने कर्बला के शहीदों के मसायब पढ़े। जिन्हें सुनकर अज़ादार फूट फूटकर रोने लगे।

मजलिस के बाद शबीहे ज़ुल्जनाह व ताबूत का जुलूस निकाला गया। जिसमें बाहर से आईं अन्जुमन अन्जुमने अज़ाए हुसैन बनारस, अन्जुमने सिपाहे हुसैनी भनौली सादात सुल्तानपुर , अन्जुमने दुआए ज़हरा मुज़फ़्फ़र नगर के अलावा स्थानीय अन्जुमन अन्जुमने मुहाफ़िज़े अज़ा, अन्जुमने रौनक़े अज़ा, अन्जुमने बहारे अज़ा, अन्जुमने शमीमे ईमान, अन्जुमने ग़ुन्चए इस्लाम, अन्जुमने गौहरे अज़ा, अन्जुमने फ़ैज़े पंजेतन आदि ने भी नौहाख़्वानी व मातम किया। जुलूस अपने निर्धारित रास्तों से होता हुआ बड़ा इमामबाड़ा पहुंच कर सम्पन्न हुआ। जुलूस का संचालन कमाल अख्तर ने किया।इस मौक़े पर चौधरी नबी रज़ा, चौधरी सामिन सिरसिवी, आफ़ताब अहमद दालानी,मौ.काज़िम,अली काज़िम,मोअज़्ज़म,परवेज़ आदि मौजूद रहे।





























