FASI 2
previous arrow
next arrow

Breaking
देहरादून में सजी अदब की शानदार महफ़िल, ऑल इंडिया मुशायरे में गूँजता रहा शेर-ओ-सुख़न का जादूप्रदूषण से इस दौर में प्रकृति को बचाना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी*: मिर्जा अरशद बेगविपरीत परिस्थितियों में सशक्त बने रहते हैं परोपकारी : बाबा आकांक्षीएन एस ओ ने हिन्दी साप्ताहिक समाचार पत्रों के सम्पादकों को “हिन्दी पत्रकारिता दिवस” पर सम्मानित कियाबकरा ईद पर भाईचारा, सौहार्द और स्वच्छता बनाए रखने की अपील : भाजपा नेता आफ़ताब आलम भोजपुर क्षेत्र में बिजली की समस्या,सुधार के लिए,रालोद प्रभारी मंत्री से मिलासनातन धर्म में सर्वोपरि है प्रभु के प्रसाद,स्वामी नारदानंद ऋषि आश्रम में 118वें साप्ताहिक भंडारे का भव्य आयोजन संपन्न का महत्व और सम्मान: बाबा संजीव आकांक्षीनैशनल सोशल आर्गेनाइजेशन (एन एस ओ) के हेड आफिस स्थित गुजराती स्ट्रीट, व्हाइट हाउस में कायदे मिल्लत डॉ० अब्दुल जलील फरीदी की पुण्य तिथि पर एक बेठक सम्पन्नप्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की अपील पर अमल करना सच्ची देशभक्ति:मिर्ज़ा अरशद बेगशाहजहाँपुर में स्थित टाउन-हॉल, नगर निगम कार्यालय के सामने स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाओं पर बुलडोजर चलाने के खिलाफ भारी विरोध

उत्तरप्रदेशमुरादाबाद

अपने बच्चों को सोशल मीडिया, मोबाइल से वक्त रहते दूर ना किया तो चौपट हो जाएगा देश का भविष्य: पत्रकार शहजाद अनवर शमसी

सोशल साइट्स फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब आदि पर अश्लील, फूहड़, अभद्र भाषा शैली की शॉर्ट वीडियो का बच्चों में इतना क्रेज बढ़ गया है कि अब बच्चे खाना भी बिना मोबाइल के खाना नहीं चाहते।

Janta Aur Janadesh

फसी उर रहमान बेग(संपादक)

आजकल सोशल मीडिया के बढ़ते क्रेज का शिकार अधिकतर बच्चे हो रहे हैं।हालत ये है कि बच्चों को आंख खुलते ही मोबाइल चाहिए, और सोते वक्त तक उनके मनोरंजन का साधन सिर्फ और सिर्फ मोबाइल ही रह गया है।

मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए बच्चों पर रखें अपनी निगाहें

इन सोशल साइट्स पर आजकल जो कुछ भी परोसा जा रहा है, उससे बच्चे न सिर्फ आक्रामक हो राय हैं, बल्कि उनको ये ज्ञान तक नहीं की वो अपने बड़ों से अभद्र भाषा शैली का भी प्रयोग कर रहे हैं। खेल और प्रतिभाएं तो मानों इस मोबाइल की वजह से उनकी शून्य हो चुकी हैं। कभी कभी माता पिता को भी इस बात का अफसोस होता है कि उनका बच्चा आखिर ये सब कहां से सीख रहा है, ऐसा नहीं है कि अभिभावकों की ये कोशिश न हो कि वो अपने बच्चे को मोबाइल की लत से बचाना नहीं चाहते, लेकिन बच्चों के शारीरिक विकास की चिंता, बच्चों की जिद, और मनमानी के कारण अक्सर यही मोबाइल फिर से उनके हाथों में देने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

ऐसे में अगर एक छोटी सी कोशिश की जाए तो शायद काफी हद तक सुधार आ सकता है, मगर शर्त ये है कि इसकी कोशिश हर किसी को करनी होगी, और ये सोचकर संकल्प के साथ करनी होगी, कि हमें देश के हर बच्चे को मोबाइल के माध्यम से परोसी जा रही अश्लीलता, अभद्रता, फूहड़ता पर अंकुश लगाना है। करना सिर्फ इतना है कि हर रोज कम से कम 10 ऐसी शॉर्ट वीडियो की रिपोर्ट या ब्लॉक करना है जिसमें ऐसी सामग्री अपलोड की गई हो जिससे बच्चों पर ग़लत प्रभाव पड़ सकता हो। आज अगर इस तरह की शॉर्ट वीडियो को बढ़ावा अगर मिल रहा है तो उसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि हम उसका बायकॉट नहीं कर रहे, हम खुद उनमें रुचि लेकर उन्हें देखते हैं और ठहाका लगाते हैं। आजकल व्यूज, लाइक, कमेंट्स पाने के लिए सोशल मीडिया पर जो कुछ भी परोसा जा रहा है, वो सिर्फ आपको वक्त बर्बाद करने के साथ ही आपके बच्चे के भविष्य को भी बर्बाद करने की सबसे बड़ी वजह बनता जा रहा है। जगाए और आज ही इस पहल को शुरू कर दें। ऐसी साइट्स जहां ग़लत सामग्री परोसी गई हो उसको तुरंत ब्लॉक कर दें, साथ ही ऐसी शॉर्ट वीडियो की रिपोर्ट भी करें। मेरे निजी नजरिए में ये जनहित के लिए बहुत जरूरी है।


Janta Aur Janadesh

जनता और जनादेश

जनता और जनादेश समाचार पत्र वेब पोर्टल एवं वेबसाइट विश्वसनीय खबरों का एक ऐसा निष्पक्ष प्लेटफार्म है जिसके माध्यम से जनता और जनादेश ग्रुप इसके संपादक फसी उर रहमान बैग द्वारा हमेशा निष्पक्षता से खबरों के प्रकाशन में अपनी एक हम किरदार अदा करके इस देश को पत्रकारिता की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया जा रहा है l

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!