हिंदी देश का गौरव है,योग्यता और उपयोगिता भी है:अधिवक्ता तंजीम शास्त्री
विश्व हिंदी दिवस के मौके पर बार एसोसिएशन मुरादाबाद में अयोजित गोष्ठी में अधिवक्ताओं ने विचार रखकर,हिंदी की उपयोगिता पर रोशनी डाली गई


फसी उर रहमान बेग, मुरादाबाद l10 जनवरी 2025 को विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में कचहरी के बार प्रांगण स्थित चेंबर नंबर 50 एसपी गुप्ता सभा भवन पर अधिवक्ता साहित्य एवं सांस्कृतिक मंच मुरादाबाद के तत्वाधान में विश्व हिंदी दिवस कार्यक्रम के श्रृंखला के अंतर्गत न्यायिक क्षेत्र में हिंदी की भूमिका विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया | कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष विवेक निर्मल एडवोकेट ने की |कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रमेश आर्य एडवोकेट मौजूद रहे |कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया| कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए रमेश आर्य एडवोकेट ने बताया की 10 जनवरी 1949 में प्रथम बार संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी के संदर्भ में बात की गई थी साथ ही साथ 10 जनवरी 1975 को पहली बार नागपुर में विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित किया गया था इसलिए आज की तारीख को विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाते हैं |कार्यक्रम में अगले वक्ता के रूप में बोलते हुए मोहम्मद तंजीम शास्त्री एडवोकेट ने बताया कि आज के समय में न्याय क्षेत्र में हिंदी की जो योग्यता और उपयोगिता है वह हम सबके लिए अनुकरणीय है कार्यक्रम में बोलते हुए आवरण अग्रवाल श्रेष्ठ ने कहा की हिंदी का वैश्वीकरण वर्तमान में हिंदी के परचम को विश्व में लहरा रहा है अब सिर्फ मॉरीशस
त्रिनिदाद एंड टोबैगो,ब्रिटेन, अमरीका जैसे विश्व के सभी देशों में हिंदी को अपना रहे है | विश्व हिंदीं सचिवालय मॉरीशस में है | कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में बोलते हुए विवेक निर्मल एडवोकेट ने विश्व हिंदी दिवस को भारत के हिंदी वासी क्षेत्र के लोग ही नहीं बल्कि समस्त विश्व के भारतवासी बड़े उल्लास के साथ मानते है | इस अवसर पर कार्यक्रम में कमाल अहमद खान, ज़ीशान उल हक़, अजय पाल, अरविन्द शर्मा एडवोकेटस, मोनीश, आकिब आदि लोग मौजूद रहे |*- – प्रेस- विज्ञप्ति–*
आज दिनांक 10 जनवरी 2025 को विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में कचहरी के बार प्रांगण स्थित चेंबर नंबर 50 एसपी गुप्ता सभा भवन पर अधिवक्ता साहित्य एवं सांस्कृतिक मंच मुरादाबाद के तत्वाधान में विश्व हिंदी दिवस कार्यक्रम के श्रृंखला के अंतर्गत न्यायिक क्षेत्र में हिंदी की भूमिका विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया | कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष विवेक निर्मल एडवोकेट ने की |कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रमेश आर्य एडवोकेट मौजूद रहे |कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया| कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए रमेश आर्य एडवोकेट ने बताया की 10 जनवरी 1949 में प्रथम बार संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी के संदर्भ में बात की गई थी साथ ही साथ 10 जनवरी 1975 को पहली बार नागपुर में विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित किया गया था इसलिए आज की तारीख को विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाते हैं |कार्यक्रम में अगले वक्ता के रूप में बोलते हुए मोहम्मद तंजीम शास्त्री एडवोकेट ने बताया कि आज के समय में न्याय क्षेत्र में हिंदी की जो योग्यता और उपयोगिता है वह हम सबके लिए अनुकरणीय है कार्यक्रम में बोलते हुए आवरण अग्रवाल श्रेष्ठ ने कहा की हिंदी का वैश्वीकरण वर्तमान में हिंदी के परचम को विश्व में लहरा रहा है अब सिर्फ मॉरीशस
त्रिनिदाद एंड टोबैगो,ब्रिटेन, अमरीका जैसे विश्व के सभी देशों में हिंदी को अपना रहे है | विश्व हिंदीं सचिवालय मॉरीशस में है | कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में बोलते हुए विवेक निर्मल एडवोकेट ने विश्व हिंदी दिवस को भारत के हिंदी वासी क्षेत्र के लोग ही नहीं बल्कि समस्त विश्व के भारतवासी बड़े उल्लास के साथ मानते है | इस अवसर पर कार्यक्रम में कमाल अहमद खान, ज़ीशान उल हक़, अजय पाल, अरविन्द शर्मा एडवोकेटस, मोनीश, आकिब आदि लोग मौजूद रहे |





























