बारिश हो या रात का अंधेरा,निस्वार्थ जन सेवा की मिसाल बने सब इंस्पेक्टर सतीश चौधरी,बने पुलिस के सिंघम
मुरादाबाद के पुलिस कप्तान सतपाल अंतिल के निष्ठापूर्वक पालन करने की मिसाल बने,सतीश चौधरी


*मीसम जैदी: उप सम्पादक,जनता और जनादेश ।* वैसे तो पुलिस जनता की 24 घंटे जनता की सेवा करती है और इस बात की सच्चाई से भी इंकार नही किया जा सकता कि पुलिस अपने बच्चों के हर सुख,दुख की परवाह करे बगैर दिन का उजाला हो या फिर रात का अंधेरा,समाज को गुंडे,मवालियो से बचाने के लिए हर सम्भव कोशिश करती हैउनका सामना करती है। सच तो यह है कि देश का हर इंसान पुलिस की वजह से ही घर में चैन की नींद सो पाता है। बावजूद इसके आज अगर सबसे ज़्यादा अगर सवालिया निशान भी पुलिस की कार्यशैली पर ही लगते है,बेरहाल एक कहावत है जब आप काम करोगो तभी तो आलोचना होगी। वैसे तो हर पुलिस अधिकारी समाज को सुरक्षा,मज़लूमो पर ज़ुल्म,अपराधियो के खिलाफ हमेशा सजग रहती है लेकिन यह बात कहना भी कोई अतिश्योक्ति नही होगा की पुलिस विभाग में कोई न कोई पुलिस अधिकारी की छवि एक सिंघम के रूप में लोगो पर अकल्पनीय छाप छोड़ने लगती है।


थाना मझोला के टीपीनगर चौकी मुरादाबाद में सेकेंड सब इंस्पेक्टर के रूप में कार्य कर रहे रहे सतीश चौधरी की कार्यशैली भी इन दिनो लोगो के बीच में एक ईमानदार,बेवाक अधिकारी के रूप में सामने आ रही है,सूत्रो की मानें तो किसी भी वर्ग का कोई भी व्यक्ति जब चौकी टृान्सपोर्ट नगर पहुंचता है तो उनको मुस्तेहदी के साथ सब इन्स्पेक्टर सतीश चौधरी बैठे हुए,जनता की शिकायत सुनकर उनको चौकी स्तर पर ही निस्तारित करने की कोशिश करते है,बहुत ही कम लोग ऐसे है जो चौकी पर शिकायत लेकर आते है और उन्हे थाना मझोला,या फिर FIR में जाना पड़ता है। वैसे तो जनपद के पुलिस कप्तान सतपाल अंतिल के सभी पुलिस,थानो में बैठे अपने अधीनस्थ्य पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट आदेश है कि वो जनता की समस्याओ का निस्तारण थाना,चौकी स्तर पर ही करने की कोशिश करें। ऐसा देखने में आ रहा है कि टीपी नगर चौकी मुरादाबाद में द्धितिए चौकी इंचार्ज के पद पर तैनात सतीश चौधरी ने बहुत कम वक्त में हर वर्ग के लोगो ने अपनी एक अमिट छाप बना ली है और उनकी एक खासियत यह भी है कि वो पहले आपसी समझौते के आधार पर दोनो पक्षो को समझाने का पूर्ण प्रयास करते है बावजूद इसके अगर कोई दोषी व्यक्ति किसी पीड़ित व्यक्ति के साथ अन्याय करने की कोशिश करता है तो वो फिर अपनी भी नही सुनते,मतलब एक बार कमिटमेंट कर दिया तो हम अपनी भी नही सुनते। वैसे तो जनता और जनादेश किसी की चाटूकारिता नही करता फिर भी सच्चे,बहादुर पुलिस अधिकारी का सम्मान करने में भी किसी तरह की कोई कसर नही छोड़ता। आज जिस तरह से सब इंस्पेक्टर सतीश चौधरी की कार्यशैली ने हर इंसान के दिल में एक अलग जगह बनाई है उसका सम्मान होना चाहिए,पिछले दिनो सतीश चौधरी को राष्टृपति पुरूस्कार से सम्मानित,समाजिक,शैक्षिक संस्था मिर्ज़ा गालिब ग्रुप आफ इन्टीटयूशन्स द्धारा शौर्यवीर पुरूस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। पुलिस में बहादुर,जनता के अधिकारो के प्रति जागरूक पुलिस अधिकारी मौजूद है लेकिन उप निरिक्षक सतीश चौधरी के कार्य करने का तरीका उनकी छवि को पुलिस के सिंहगम के रूप में स्थापित कर रहा है। पुलिस अधिकारियों का सम्मान करके उनका हौसला अफजाई करना जनता का भी फर्ज बनता है। जनता सिर्फ पुलिस से न्याय की अपेक्षा कर थोड़ी सी कमी होने पर उपेक्षा करने को तैयार रहती है लेकिन फिर भी पुलिस के अधिकारी अपनी सेवा को सही ढंग से निभाने की कोशिश करते है। क्योकि पुलिस देश को देखती है, उसकी भूमिका और जबाब देही भी ज़्यादा है ऐसे में सतीश चौधरी सच में पुलिस के एक बहादुर,बेवाक और निष्ठावान सैनिक है।





























