meesum zaidi
previous arrow
next arrow

Breaking
मुरादाबाद मुस्लिम डिग्री कॉलेज में भाषण प्रतियोगिता और ग़ज़ल सराई का आयोजन*माँ की सेवा में ही जन्नत है*” — *ठाकुर राजा रईस*  मेधावी छात्रों का सम्मान, अभिभावकों की उपस्थिति में हुआ परिणाम वितरण समारोह ✨यूनाइटेड वेलफेयर एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट के पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने माननीय सांसद श्रीमती रुचि वीरा जी से उनके मुरादाबाद स्थित आवास पर शिष्टाचार भेंट कीसिरसी में ऑल इंडिया मुशायरा सफलतापूर्वक संपन्न,देशभर के कई नामचीन शायरों ने मुशायरे में शिरकत कीतालीम जिंदगी का एक अहम हिस्सा है :मिर्जा अरशद बेगभोजपुर में सरकार द्वारा नामित पार्षदों को मुबारकबाद देने पहुंचे यूपीका के डायरेक्टरऑल इंडिया मुस्लिम फेडरेशन ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई की शहादत पर जताया गहरा शोकजनता सेवक समाज मुरादाबाद की ओर से 69 बा होली मिलन समारोह एवं रोजा इफ्तार का आयोजनमुरादाबाद मुस्लिम महाविद्यालय में महात्मा ज्योतिबा फुले विश्विद्यालय बरेली एवम गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय मुरादाबाद की सभी पालियों की परीक्षाएँ शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं सफलता पूर्वक सम्पन्न

अमरोहाउत्तरप्रदेश

गुजरात के भावनगर जिले की यह दुनिया की शायद इकलौती मस्जिद है जिसका रुख काबा ( मक्का ) की तरफ न हो कर बैतमकदस /मस्जिद अकसा ( यारोशाल्म ) की तरफ है

gujrat ki aksa masjid

Janta Aur Janadesh

SAleem beig : गुजरात के भावनगर जिले की यह दुनिया की शायद इकलौती मस्जिद है जिसका रुख काबा ( मक्का ) की तरफ न हो कर बैतमकदस /मस्जिद अकसा ( यारोशाल्म ) की तरफ है यह मस्जिद क़रीब 1400 साल पहले तिजारत के लिए इस बंदरगाह पर आने वाले अरब ब्योपारियों ने बनवाई थी I
ध्यान रहे की पहले मुसलमान मस्जिद अक्सा की तरफ रुख कर के नमाज़ पढ़ते थे जिस पर मदीना के यहूदी उन् पर तंज़ करते थे की उका अपना कोई रुख नहीं और वह भी यहूदियों की तरह यारोशलम की तरफ रुख कर के नमाज़ पढ़ते है हुजुर (स) ने इसके लिए अल्लाह से दुआ की और तब आपको आदेश मिला की काबा (मक्का ) की तरफ रुख कर के नमाज़ पढो आप (स) ने तुरंत दो रकात नमाज़ काबा की तरफ रुख कर के पढ़ाई जिस मस्जिद में यह रुख के इस बदलाव का आदेश हुजुर (स) को मिला था उसे मस्जिद किब्लतैंन कहते है और आज भी हर हाजी उसमें दो रकात नमाज़ पढ़ के मदीना से मक्का के लिए रवाना होता है I
यह मस्जिद इस्लाम और भारत के डेढ़ हजार साल पुराने रिश्तों का जीता जागता सुबूत है I

 


Janta Aur Janadesh

जनता और जनादेश

जनता और जनादेश समाचार पत्र वेब पोर्टल एवं वेबसाइट विश्वसनीय खबरों का एक ऐसा निष्पक्ष प्लेटफार्म है जिसके माध्यम से जनता और जनादेश ग्रुप इसके संपादक फसी उर रहमान बैग द्वारा हमेशा निष्पक्षता से खबरों के प्रकाशन में अपनी एक हम किरदार अदा करके इस देश को पत्रकारिता की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया जा रहा है l

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!