गुरु की कृपा से ही जीवन में मिलती है सही दिशा श्रीमद्भागव,श्रीमद्भागवत कथा का द्वितीय दिवस,
स्वामी नारदानंद ऋषि आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा का द्वितीय दिवस


मुरादाबाद. स्वामी नारदानंद ऋषि आश्रम में कथा के द्वितीय दिवस भगवान के चौबीस अवतारों के प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया गया
कथा व्यास ने कहा कि जैसे चौबीस घंटों में हमारे जीवन का एक दिन पूर्ण हो जाता है ऐसे ही एक दिन में चौबीस अवतारों की चर्चा स्मरण करने से जीवन में सुख की अनुभूति बढ़ती है और हमारे पापों का नाश होता है. इन अवतारों की विभिन्न कथाओं से जो प्रेरणा मिलती है उनसे जीवन को एक नई दिशा मिलती है.
जिस प्रकार से स्वामी नारदानंद जी महाराज ने अपने जीवन में, अपनी तपश्चार्य से देश भर में 286 आश्रमों की स्थापना की और लाखों भक्तों की एक बड़ी संख्या खड़ी की, उन सभी भक्तों के जीवन में चाहे वह किसी भी क्षेत्र के हों आध्यात्मिक चिंतन और आध्यात्मिक के प्रति समर्पण कम न हो, ऐसी प्रेरणा देने वाले स्वामी नारदानन्द जी महाराज ने जिस प्रकार भक्तों के जीवन में कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया, मोक्ष का मार्ग प्रशस्त किया ठीक वैसे ही श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से और श्रीमद्भागवत कथा में मिलने वाले विभिन्न दृष्टांतों से हम अपने जीवन को सात्विक भावनाओं के साथ यापन करते हुए, यदि जीवन में आगे बढ़ते हैं, तो संतान भी संस्कारित होगी और अपने माता-पिता एवं गुरु का नाम समाज में प्रतिष्ठित करेंगे.
कथा उपरांत बाबा संजीव आकांक्षी ने मंगल चिंतन में कहा की जीवन में निरंतर सात्विक कार्यों में लगे रहने वाले प्रत्येक भक्त को जीवन में जब-जब कठिनाई आती है, उनसे लड़ने की शक्ति स्वतः ही भगवान प्रदान करते हैं, और विपत्तियों से निपटने का मार्ग भी भगवान ही प्रशस्त करते हैं. इसलिए भगवान की शरण और भगवान का चिंतन निरंतर बना रहना चाहिए. साथ ही गुरु की शरण से जीवन में एक दिशा प्राप्त होती है.
कथा उपरांत भंडारा का आयोजन किया गया.
आज के कार्यक्रम में आनंद प्रकाश शर्मा, डॉ बृजपाल सिंह यादव, पंकज शर्मा, बाबा संजीव आकांक्षी, पुरुषोत्तम शर्मा, मुन्ना गुरु, माया शर्मा, नीरज मित्तल, राखी शर्मा, प्रमोद रस्तोगी, मुन्नी रस्तोगी, आदर्श भटनागर, दिनेश मानस, डॉली शर्मा, प्रेमनाथ यादव, प्रत्यूष यादव, शरद जैन, दीपक अग्रवाल, मोहित अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा l





























