मौलाना ने इमाम हुसैन की करबला में अपने 72 साथियों के साथ जो शहादत के दुख में शिया समुदाय द्वारा आजादनगर से जुलूस निकाला
मौलाना तनवीर अब्बास साहब ने ख़िताब फरमाया।बाद मजलिस के ताज़िया और अलम ए मुबारक का जुलूस बरामद किया



मुरादाबाद l
आज 15 अगस्त 2025 को इमाम हुसैन के चेल्लम के उपलक्ष्य में शिया समुदाय द्वारा एक जुलूस आज़ाद नगर से निकाला गया।जिसको अहले आज़ाद नगर की जानिब से बरामद किया गया।जिसमे मर्सिया की अगुवाई जनाब सिब्ते जाफ़र व हमनवा ने की और मजलिस को आली जनाब मौलाना तनवीर अब्बास साहब ने ख़िताब फरमाया।मौलाना ने इमाम हुसैन की करबला में अपने 72 साथियों के साथ जो शहादत दी है।उसको बयान करते हुए फरमाया की करबला की जंग सिर्फ हक़ और बातिल की जंग थी।करबल से हमे ये सीखने को मिलता है की करबला की जंग में जो हक़ पर था उसका ज़िक्र आज भी ज़िंदा है।और जो बुराई पर था उसका नाम भी लेना कोई अपनी ज़ुबान पर अच्छा नहीं समझता।मजलिस के बाद जुलूस अपने मुक़र्रर रास्तों से होता हुआ।इमामबरगाह मोहमदिया हाल पहुचा।जहाँ पर एक मजलिस बरपा की गई जिसको मौलाना तनवीर अब्बास साहब ने ख़िताब फरमाया।बाद मजलिस के ताज़िया और अलम ए मुबारक का जुलूस बरामद किया गया। जिसमे दिल्ली हॉस्पटल,कोहिनूर तिराहा,करूले की पुलिया पर मौलाना नाज़ हैदर साहब ने अपनी तक़रीर से लोगो को चेल्लम के दिन के बारे में और इमाम हुसैन के बारे में हमारे नेताओ और स्वतंत्रता सेनानियों ने क्या क्या बाते पेश की है।उसका ज़िक्र करते हुए लोगो के बीच अपनी तक़रीर की।सीनाज़नी और या हुसैन की आवाज़ो को बुलंद करते हुए जनाब अली वाहिद नक़वी,हसन आबिदी,काज़िम ज़ैदी,ज़रगाम,मूसा ज़ैदी,आमिर,रग़ीब हुसैन आबिदी जी ने अपने मुक़र्रर रास्तों पर नोहा खुआनी की।जुलूस का संचालन जनाब सिब्ते जाफ़र और जमाल नासिर साहब ने किया।सभी आज़ादारो ने अपने मुक़र्रर रास्तों से होते हुए जुलूस को करबला पर लिजाकर इमाम ए मजलूस का पुरसा पेश किया।





























